केजीएमयू को लेकर अपर्णा यादव के गंभीर आरोप, प्रशासन से टकराव के बाद बढ़ा विवाद

केजीएमयू को लेकर अपर्णा यादव के गंभीर आरोप, प्रशासन से टकराव के बाद बढ़ा विवाद

लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई है। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने केजीएमयू प्रशासन पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि संस्थान के भीतर धर्मांतरण और लव जिहाद जैसा संगठित नेटवर्क सक्रिय है।

यह बयान उस घटनाक्रम के बाद सामने आया, जब अपर्णा यादव के केजीएमयू पहुंचने पर परिसर में हंगामे की स्थिति बन गई। उनका आरोप है कि उन्होंने अपनी यात्रा की पूर्व सूचना प्रशासन को दी थी, इसके बावजूद उन्हें लगभग 20 मिनट तक बाहर प्रतीक्षा करनी पड़ी।

अपर्णा यादव ने कहा कि वह एक संवैधानिक पद पर हैं, फिर भी उनसे मिलने में जानबूझकर देरी की गई और दरवाजा तक बंद रखा गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब केजीएमयू प्रशासन के पास प्रेस कॉन्फ्रेंस करने का समय हो सकता है, तो महिला आयोग की उपाध्यक्ष से मिलने का समय क्यों नहीं था।

उन्होंने केजीएमयू की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह संस्थान ज्ञान, शिक्षा और स्वास्थ्य का केंद्र होना चाहिए, लेकिन यहां से लगातार धर्मांतरण और लव जिहाद से जुड़े मामलों की शिकायतें सामने आ रही हैं। अपर्णा यादव का दावा है कि एक सीनियर डॉक्टर के साथ जूनियर डॉक्टर द्वारा दुर्व्यवहार किया गया और उसे विश्वविद्यालय के शीर्ष अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है।

इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले दो वर्षों से बिना अनुमति के ब्लड बैंक संचालित किया जा रहा है, जो कानून का खुला उल्लंघन है और केंद्र व राज्य सरकार को गुमराह करने जैसा है।

महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने यह भी कहा कि केजीएमयू में कार्यरत कुछ कर्मचारियों द्वारा महिला स्टाफ को धमकाया जा रहा है कि यदि उन्होंने अपनी शिकायत महिला आयोग तक पहुंचाई तो उनकी नौकरी खतरे में डाल दी जाएगी।

अपर्णा यादव ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं है, बल्कि केजीएमयू जैसी प्रतिष्ठित संस्था की गरिमा को बचाना है। उन्होंने कहा कि केजीएमयू उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा और सम्मानित अस्पताल है, जो लाखों लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं देता है, लेकिन मौजूदा घटनाएं इसकी छवि को नुकसान पहुंचा रही हैं।

वहीं दूसरी ओर, केजीएमयू प्रशासन ने इन आरोपों को लेकर कहा है कि उन्हें अपर्णा यादव के आगमन की कोई पूर्व सूचना नहीं मिली थी।