राम मंदिर में कथित नमाज़ की कोशिश पर देवकीनंदन ठाकुर की तीखी प्रतिक्रिया, कठोर सजा की मांग

राम मंदिर में कथित नमाज़ की कोशिश पर देवकीनंदन ठाकुर की तीखी प्रतिक्रिया, कठोर सजा की मांग

अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में कथित रूप से नमाज़ पढ़ने की कोशिश की घटना को लेकर हिंदू धर्मगुरु देवकीनंदन ठाकुर ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे सनातन धर्म की मर्यादा का गंभीर उल्लंघन बताते हुए सरकार, प्रशासन और न्यायालय से दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

एक वीडियो संदेश के माध्यम से देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि जिस राम मंदिर के निर्माण से करोड़ों सनातनी उत्साहित और आनंदित थे, उसी पवित्र स्थल पर इस तरह की कोशिश अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने दावा किया कि संबंधित व्यक्ति कश्मीर से आया था और मंदिर परिसर में नमाज़ पढ़ने का प्रयास करने के साथ कुछ नारे भी लगाए।

“सनातन धर्म का हुआ अपमान”

देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि यह घटना केवल एक व्यक्ति की हरकत नहीं, बल्कि धार्मिक मर्यादा को चुनौती देने जैसा कृत्य है। उन्होंने कहा कि आज जब केंद्र में नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार है, तब भी इस तरह का दुस्साहस किया जा रहा है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि ऐसी सरकारें न हों, तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।

आलोचकों पर भी साधा निशाना

अपने बयान में देवकीनंदन ठाकुर ने उन लोगों पर भी प्रतिक्रिया दी, जो उन पर हिंदू–मुस्लिम राजनीति करने का आरोप लगाते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें इस तरह की आलोचनाओं की परवाह नहीं है, लेकिन उन्हें इस बात का दुख है कि कुछ लोग हिंदू होते हुए भी अपने धर्म के विषय में आवाज़ उठाने से बचते हैं।

कठोर दंड की मांग

धर्मगुरु ने सरकार, प्रशासन और न्यायालय से हाथ जोड़कर अपील की कि राम मंदिर की मर्यादा भंग करने की कोशिश करने वाले व्यक्ति को इतनी सख्त सजा दी जाए कि भविष्य में कोई भी इस तरह की हरकत करने के बारे में सोच भी न सके।

मुस्लिम धर्मगुरुओं से अपील

देवकीनंदन ठाकुर ने इस्लाम धर्म के धर्मगुरुओं से भी अपील की कि वे सार्वजनिक रूप से इस घटना की निंदा करें और ऐसे कृत्यों में शामिल लोगों से खुद को अलग करें। उन्होंने कहा कि देश की आपसी मर्यादा और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है।

फिलहाल इस मामले में प्रशासनिक जांच और आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है।